वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश बोराणा के साथ अकरम खान कि रिपोर्ट।
जयपुर। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मील योजना के तहत अब हल्दी, मिर्ची और धनिया पाउडर की सप्लाई करने का फैसला किया है। पहले केवल खाद्यान्न की ही सरकारी स्तर पर आपूर्ति होती थी, जबकि मसाले, सब्जियां और फल विद्यालयों द्वारा खरीदे जाते थे। लेकिन अब इस व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है।
विद्यालयों से मंगाए गए मांग पत्र
मार्च में स्कूलों के संस्था प्रधानों से मिड-डे-मील के लिए मसालों की मांग को लेकर पत्र भरवाए गए हैं। इसमें प्रत्येक विद्यालय को अपने यहां पंजीकृत छात्रों की संख्या के आधार पर मिर्ची, हल्दी और धनिया पाउडर की मात्रा तय करनी होगी।
अब तक कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए मिड-डे-मील में तेल, दाल, सब्जी और फल विद्यालयों द्वारा खरीदे जाते थे। लेकिन नए निर्देशों के अनुसार, राजस्थान ग्रामीण आजीविका परिषद (राजीविका) और महिला सहायता समूहों से मसालों की खरीद की जाएगी। इस बदलाव से मिड-डे-मील में प्रयोग होने वाले मसालों की शुद्धता बनी रहेगी।
मसालों की सप्लाई 1 अप्रैल से
इस नई व्यवस्था के तहत 1 अप्रैल से 16 मई तक के डेढ़ माह की अवधि के लिए स्कूलों को मसालों की सप्लाई की जाएगी।
कुकिंग कन्वर्जन कॉस्ट की नई दरें
वर्तमान में मिड-डे-मील योजना के तहत कुकिंग कन्वर्जन कॉस्ट कक्षा 1 से 5 के छात्रों के लिए 6.19 रुपये और कक्षा 6 से 8 के लिए 9.29 रुपये प्रति विद्यार्थी प्रतिदिन तय की गई है। इसी राशि से स्कूल अब तक तेल, दाल, मसाले, सब्जी और फल खरीदते थे। लेकिन अब मसालों की आपूर्ति भी सरकार द्वारा किए जाने के बाद स्कूलों को अन्य खाद्य सामग्रियों पर ध्यान देना होगा।
खाद्य सामग्री की मात्रा (प्रति विद्यार्थी)
कक्षा 1 से 5:
खाद्यान्न: 100 ग्राम
तेल: 5 ग्राम
दाल: 20 ग्राम
सब्जी: 50 ग्राम
कक्षा 6 से 8:
खाद्यान्न: 150 ग्राम
तेल: 7.5 ग्राम
दाल: 30 ग्राम
सब्जी: 75 ग्राम
मसालों की मात्रा पर उठ रहे सवाल
नई व्यवस्था में मसालों की आपूर्ति को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। अब तक मिड-डे-मील में मसालों की कोई निर्धारित मात्रा नहीं थी, और विद्यालय अपनी आवश्यकतानुसार मसाले खरीदते थे। लेकिन अब जब मसाले सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे, तो प्रति छात्र कितनी मात्रा में मिर्ची, हल्दी और धनिया पाउडर की आवश्यकता होगी, इसे लेकर स्पष्टता की कमी है।